युगों सेप्राणों का
दाता है सूर्य ।
रात के
अंधियारे को
मिटाता है सूर्य ।
ऊषाकाल में
लालिमा
लाता है सूर्य ।
हमें
ऊर्जावान
बनाता है सूर्य ।
सहता है स्वयं का
भीषण ताप वह
पर
जग को
प्रकाश से
नहलाता है सूर्य ।
करता नहीं है
तनिक भी भेदभाव वह
सभी पर
कृपा बरसाता है सूर्य ।
मेघों से आच्छादित
अम्बर का
चीर कर अन्धेरा
ला कर
अपनी रश्मियाँ
बिखराता है सूर्य ।
प्रभु का वरदान है वह,
पावन और महान है वह,
इसीलिये अर्घ्य से
पूजा जाता है सूर्य ।
सूर्य है प्रतीक-
नियमों के
पालन का,
जीवन में
अनुशासन का,
मेघों में भी
न छुपने का,
ऊँचाइयों पर
चमकने का,
अपना ताप
स्वयं सह जाने का
पर
सभी के जीवन को
आलोकित कर जाने का ॥
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This is how the mighty sun has inspired me in my life.
ReplyDeleteWow
ReplyDeleteThank you very much.
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