Friday, 17 January 2020

सूर्य


युगों से
प्राणों का
दाता है सूर्य ।

रात के
अंधियारे को
मिटाता है सूर्य ।

ऊषाकाल में
लालिमा
लाता है सूर्य ।

हमें
ऊर्जावान
बनाता है सूर्य ।

सहता है स्वयं का
भीषण ताप वह
पर
जग को
प्रकाश से
नहलाता है सूर्य ।

करता नहीं है
तनिक भी भेदभाव वह
सभी पर
कृपा बरसाता है सूर्य ।

मेघों से आच्छादित
अम्बर का
चीर कर अन्धेरा

ला कर
अपनी रश्मियाँ
बिखराता है सूर्य ।

प्रभु का वरदान है वह,
पावन और महान है वह,
इसीलिये अर्घ्य से
पूजा जाता है सूर्य ।

सूर्य है प्रतीक-

नियमों के
पालन का,


जीवन में
अनुशासन का,

मेघों में भी
न छुपने का,

ऊँचाइयों पर
चमकने का,

अपना ताप
स्वयं सह जाने का
पर
सभी के जीवन को
आलोकित कर जाने का ॥
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