दिन और रात
का
एक अजब सा
नाता है
एक न हो
तभी दूसरा
आता है ।
जब आती है
रात
तो
दिन छिप जाता है
और
बिता कर रात
दिन फिर
निकल आता है ।
दिन और रात का...
कभी-कभी
अचानक
दिन में भी
अन्धियारा छाता है
पर
थोड़ा-सा
धीरज धरें
तो
सूरज
निकल ही आता है ।
दिन और रात का...
घनी, काली रात में
चाँद
निकल
आता है
और,
शीतल चाँदनी में
मन
शीतलता पाता है ।
दिन और रात का...
रात की
गहराती नींद में
जीवन
विश्राम पाता है
सवेरे के आने तक
मन तरोताज़ा
हो जाता है ।
दिन और रात का...









