शुरु हुआ था
ये सफर
इक अर्सा पहले
देखे थे तब
सपने
सुनहरे-रुपहले।
चले जब
जीवन की
पगडंडी पर
तो
मिलती गई
कड़ी धूप
और
घनघोर सर्दी
कभी आँधी-तूफान
कभी घनी-सी बदली।
पर
साथ था तुम्हारा
जिसने रुकने न दिया
मुश्किलों के आगे
झुकने न दिया।
रास्ते-दर-रास्ते
बढ़ चले
साथ तुम्हारे।
मुस्कराते-टकराते
कट गया रस्ता
बतियाते-बतियाते।
हालाँ कि,
सफर है बाकी
और
चलना है काफी
बस,
चलते रहना साथ,
यूँ ही चलते रहना
यूँ ही चलते रहना......

Long companionship is the best thing that can happen in our lives. It is to be cherished at all costs. It is more valuable than anything else.
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