Friday, 15 May 2020

वो तेरह बरस की लड़की


 

क्या हुआ होगा,

जब

उस तेरह बरस की लड़की

को

कुछ गलीज़ हाथों ने

छुआ होगा,

घसीट कर

पटका होगा,

कपड़ों को

फाड़ा होगा,

मुँह को

दबाया होगा,

चीख को

घोटा होगा,

बदन को

नोचा होगा,

उसका खून

बहाया होगा,

बेहोश करके ही उसे

छोड़ा होगा

 

उस तेरह बरस की लड़की

का

अब क्या होगा?

क्या मौत ही अब

उसका रास्ता होगा?

 

नहीं, बिल्कुल नहीं,

 

उस तेरह बरस की लड़की

को

मरना नहीं

जीना होगा,

ज़हर के इस घूँट को

पीना होगा,

छोड़ अतीत को पीछे,

आगे निकलना होगा,

उठ कर

वेदना के भँवर से,

सतह पर आना होगा

 

बगैर छिपाये

अपना चेहरा 

उन चेहरों को

सामने लाना होगा

 

उस तेरह बरस की लड़की

को

हिम्मत की मिसाल

बनना होगा

और

संजो कर

अपने सपने,

जीवन-पथ पर

चलना होगा

 


2 comments:

  1. RAPE- This is such a heinous crime against girls and women who constitute half the humankind. It should be dealt with the severest punishment possible and efforts should be made that the culprits are not able to hide behind the curtains of legal complexities.

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