Tuesday, 14 January 2020

नीड़


बनाया है
बड़ी मेहनत से
मैंने अपना
ये नीड़।

कर इकट्ठा
जीवन में तिनके,
सजाया 
उन्हे चाव से,
बुने
उनमें अरमान
और
बाँधीं
कुछ उम्मीदें।

इस तरह बनाया
मैंने अपना 
ये नीड़।

मिले
थपेड़े आँधियों के,
झोंके तूफानों के,
तपिश लू की,
और
बौछारें बारिशों की

पर बचाया
मैंने सबसे अपना
ये नीड़।

सँजो कर रखी हैं
इसमें
रसद ख्वाबों की,
और
गठरियाँ
धुँधलाती यादों की।

बहुत कीमती हो गया है
अब मेरा
ये नीड़।

बड़ा ही प्यारा है मेरा
ये नीड़।

जगत से न्यारा है मेरा
ये नीड़।

1 comment:

  1. Home is heaven for the people who have built it with great passion.

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