
मेरी नन्ही सी परी
अब
थोड़ी-सी बड़ी हो रही है।
छोटे-से पंजों पे
उचक के
आसमाँ को छू रही है।
कहानियाँ
अब
सुनती ही नहीं
बुनती भी है
वो।
(छोटी सी नाक
पे
बड़ा सा चश्मा चढ़ा के)
लिखती भी है
वो।
मेरी नन्ही सी परी.....
रुठना भी
उसे अब आ रहा है
उसके
ख्वाबों का समुंदर
गहरा रहा है।
मैं
देख पाऊँ या नही
एवरेस्ट से
ऊँची छलाँग
लगायेगी वो।
स्टेथेस्कोप लटका के
डॉक्टर
बन जायेगी वो
या
अंतरिक्ष
पर विजय
पायेगी वो।
जो भी करेगी
हम सबका आशीष
ले कर
आगे बहुत आगे
जायेगी वो॥
A little girl is growing up and gets the good wishes of all her elders.
ReplyDeleteAwesome
ReplyDelete