Saturday, 29 February 2020

दर्द



दर्द का
मेरे घर है
आना-जाना;
दर्द से तो
मेरा नाता है
पुराना ।

दर्द
अहसास देता है
जीने का;
मज़ा अलग है
दर्द को
पीने का ।

दर्द की
अलग-सी है
रिवायत;
दर्द की
भी
पड़ जाती है
आदत ।

दर्द से
तड़प जाता है
तन-मन
पर
दर्द के बाद
ही तो
जन्म पाता है
नया जीवन ।

दर्द का
बहुत बड़ा है
अहसान;
क्योंकि
दर्द में ही
याद आते हैं
भगवान ।

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