दर्द का
मेरे घर है
आना-जाना;
दर्द से तो
मेरा नाता है
पुराना ।
दर्द
अहसास देता है
जीने का;
मज़ा अलग है
दर्द को
पीने का ।
दर्द की
अलग-सी है
रिवायत;
दर्द की
भी
पड़ जाती है
आदत ।
दर्द से
तन-मन
पर
दर्द के बाद
ही तो
जन्म पाता है
नया जीवन ।
दर्द का
बहुत बड़ा है
अहसान;
क्योंकि
दर्द में ही
याद आते हैं
भगवान ।

No comments:
Post a Comment