Friday, 17 January 2020

कल रात

कल रात सपने में
आये पापा ।
आशीषों का पुलिन्दा
लाये पापा ।

कल रात सपने में ........

पहले लगे,
दूर-बहुत-दूर
फिर
धीरे-धीरे
पास आये पापा;

बादल बन
अमृत छलकाये पापा ।

कल रात सपने में ......

थोड़ा सा मुस्कुराये
फिर

खिलखिलाए पापा;
लगा
सिर भी सहलाये पापा ।

कल रात सपने में ......

सपना?

नहीं, कल रात तो
सच में आये थे पापा ।।
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3 comments:

  1. At times the difference between real life and dream gets blurred. It happens when we intensely miss somebody dear to us.

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  2. Very touching and emotional ☺️

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