आये पापा ।
आशीषों का पुलिन्दा
लाये पापा ।
कल रात सपने में ........
पहले लगे,
दूर-बहुत-दूर
फिर
धीरे-धीरे
पास आये पापा;
बादल बन
अमृत छलकाये पापा ।
कल रात सपने में ......
थोड़ा सा मुस्कुराये
फिर
खिलखिलाए पापा;
लगा
सिर भी सहलाये पापा ।
कल रात सपने में ......
सपना?
नहीं, कल रात तो
सच में आये थे पापा ।।
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At times the difference between real life and dream gets blurred. It happens when we intensely miss somebody dear to us.
ReplyDeleteVery touching and emotional ☺️
ReplyDeleteThank you so much.
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