Monday, 23 March 2020

इसीलिये तो........

डर जाते हो हारने से
इसीलिये तो
जीत नहीं पाते ।

छिपे रहते हो भीड़ में
इसीलिये तो
आगे नहीं आते ।

लादे हो बोझ हीनता का
इसीलिये तो
मौके हो गँवाते ।

कहीं हँस न दे कोई
इसीलिये तो
बोल नहीं पाते ।



जब,
कूदोगे रण में
तभी तो जीत पाओगे ।


यदि,
मिल भी गयी हार
तभी तो सीख पाओगे ।

जब,
चलाओगे स्वयं गाड़ी
तभी तो मंज़िल पाओगे ।

यदि,
गिर कर गये संभल
तभी तो उठ पाओगे ॥


7 comments:

  1. Friends,
    Life is definitely tough but we have to be tougher.
    We have to be not only Positive Thinkers but Possibility Thinkers as well.
    I invite your comments as well.
    Hope to get your support.
    Thanks
    Rajesh C. Verma

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