Monday, 21 September 2020

कृति का जन्मदिन (27-09-2020)

 





एक माँ को

तो

खोया है मैंने,

पर

दो माँओं को

पाया है;

एक हैभूमिका’

दूजी को जग ने

‘कृति’ बुलाया है

 

एक माँ को...

 

हूँ तो,

मैं  पिता उनका

पर अब,

उनमें अभिभावक

पाया है

उनके रूप में सामने

शायद पुण्यों का प्रतिफल

आया है

 

एक माँ को...

 

सभी बेटों और बेटियों ने

हम सब का मान

बढ़ाया है,

इस आयु में आकर

अब, हम पर उनकी

छाया है ।

 

करते हैं अब,

बातकृति’ की,

उसके जन्मदिन का

त्योहार  जो

आया है ;

जन्म से अब तक

सबने पूरे हर्षोल्लास से 

मनाया है

 

देने के लिए

ये अकिंचन

एक छोटी-सी पोटली

लाया है;

जिसमें,

ढेर-सा लाड़-दुलार,

और

आशीषों का अम्बार

समाया है।

 

मिलें उसे,

सुख-समृध्दि

असीम अपार;

सब अपनों का

निरंतर प्यार;

सखा-सहचर से

अनवरत साज-श्रृंगार;

और

उसके घर-संसार को

एक सुंदर-सा विस्तार ।

 

यही माँगने को

प्रभु-चरणों में

अब ये शीश

नवाया है ॥

==========

 

 

 

 

 

 

 


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