Saturday, 12 September 2020

66.तय है...



 

तय है

मौत का आना एक दिन

पर

क्या डर कर

हम जीना छोड़ दें?

 

तय है...

पर

क्यों बढ़

जीवन में हर बूँद

ज्ञान की निचोड़ लें?

 

तय है...

पर

क्यों कर

हर कोशिश

धारा को मोड़ लें?

 

तय है...

पर

क्यों

सारे सुख

आज के बटोर लें?

 

तय है...

पर

क्यों एक

नई धुन

जीवन में जोड़ लें?

 

 


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