उगते सूरज को
शीश नवायेंगे;
पर
लग गया ग्रहण
तो
निगाह चुरायेंगे ।
टेढ़े-मेढ़े रास्तों पर
मोड़ आयेंगे;
पर,
अगर गिर गये
तो
बच कर निकल जायेंगे ।
अगर तेज़ चले
तो
टकरा जायेंगे
पर,
बढ़ गये आगे
तो
पीछे खींच लायेंगे ।
इसलिये,
मत करो किसी की
परवाह;
ये अपना राग सुनायेंगे
जब नहीं सुनोगे
तो
खुद चुप हो जायेंगे ॥

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