कोरोना
के इस महाभारत में
पुनः
कृष्ण हमारे सारथी हैं ।
आशीष
हम पर लुटाती
सब की माँ भारती हैं ।
असंख्य चिकित्सक व कर्मचारी
वहीं
घर में सिमटे हुए भी
हम
पूर्णतया सम्मिलित हैं ।
इस
महायुध्द में आ रहे आगे
लाखों
मदद के हाथ हैं
।
वहीं
आपदा की इस घड़ी
में भी
उठ
रहे संकीर्ण स्वार्थ हैं ।
आइये
सब मिल कर
इस
दैत्य को हराते हैं
।
संयम
का संकल्प ले कर
इसे
दूर-बहुत-दूर भगाते हैं ।









